करुणा चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा नि:शुल्क नेत्र परीक्षण व मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर, सैकड़ों लोगों को मिला लाभ
कैंपियरगंज (गोरखपुर)
करुणा चैरिटेबल ट्रस्ट कैंपियरगंज, गोरखपुर द्वारा जनवरी 2026 से लगातार नि:शुल्क नेत्र परीक्षण एवं मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। ट्रस्ट के इस सराहनीय प्रयास से अब तक हजारों लोगों का नेत्र परीक्षण किया जा चुका है, जिनमें से चयनित मरीजों के सफलतापूर्वक मोतियाबिंद के ऑपरेशन भी कराए गए हैं।
इसी क्रम में 16 मार्च को ट्रस्ट के आह्वान पर अभय हॉस्पिटल कैंपियरगंज में आयोजित नेत्र परीक्षण शिविर में लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। शिविर में सैकड़ों लोगों का नेत्र परीक्षण किया गया तथा उन्हें आंखों की देखभाल से जुड़ी आवश्यक जानकारियां भी दी गईं। परीक्षण के बाद चयनित मरीजों के मोतियाबिंद के ऑपरेशन भी किए गए।
इस शिविर में श्री साईं नेत्र चिकित्सालय गोरखनाथ, गोरखपुर के संस्थापक एवं वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ. अजय पति त्रिपाठी (डॉ. ए. पी. त्रिपाठी) अपने सहयोगी दल के साथ उपस्थित रहे। उन्होंने मरीजों का नेत्र परीक्षण किया तथा चयनित मरीजों के मोतियाबिंद के सफल ऑपरेशन किए।
कार्यक्रम के दौरान ट्रस्ट की ओर से राजीव मिश्र, उमाशंकर साहनी, रामरक्षा पासवान, दुर्गेश चन्दानी सहित अन्य सहयोगियों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। वहीं अभय हॉस्पिटल कैंपियरगंज की ऑप्टोमेट्रिस्ट स्नेहलता सिंह ने अपने सहयोगियों के साथ उपस्थित होकर शिविर के सफल संचालन में सहयोग प्रदान किया।
इस अवसर पर ट्रस्ट के संस्थापक डॉ. अतुल कुमार मिश्रा ने कहा कि इस प्रकार के सेवा कार्यों से मन को आत्मीय शांति मिलती है और समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी का बोध भी होता है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट का उद्देश्य समाज के अधिक से अधिक लोगों को स्वास्थ्य और शिक्षा के प्रति जागरूक करना है।
उन्होंने बताया कि ट्रस्ट समय-समय पर सामान्य स्वास्थ्य जांच शिविर, जागरूकता कार्यक्रम तथा शिक्षण संस्थानों में स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संबंधी जानकारी देने का कार्य भी करता है। ट्रस्ट की कोशिश है कि आसपास के क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति जागरूकता के अभाव या आर्थिक समस्या के कारण स्वास्थ्य और शिक्षा से वंचित न रह जाए।
अंत में डॉ. अतुल कुमार मिश्रा ने शिविर में आए सभी मरीजों, उनके परिजनों, चिकित्सा टीम तथा ट्रस्ट के सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।




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